गठिया रोग का उपचार

गठिया रोग में जोड़ों में गांठें बन जाती हैं और शूल चुभने जैसी पीड़ा होती है, चलने-फिरने में भी तकलीफ होने लगती है तथा जोड़ों में बहुत दर्द होता है
गठिया का मूल कारण: गठिया का मूल कारण है शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा का बढ़ जाना, जिसकी वजह से जोड़ों में सूजन आ जाती है। पीड़ित दर्द के कारण ज्यादा चल फिर नहीं सकता, यहां तक कि हिलने-डुलने में भी परेशानी होने लगती है।
सबसे पहले इसका असर पैरों के अंगूठे में देखने को मिलता है। इस रोग की सबसे बड़ी पहचान ये है कि रात को जोड़ों का दर्द बढ़ता है और सुबह थकान महसूस होती है।
गठिया में परहेज़ आवश्यक होता है इसलिए आपको यह जानना जरुरी है क्या खाएं और क्या नहीं खाएं।
गठिया में जड़ों वाली फ़ल सब्जियां काफी लाभप्रद होती हैं, गाजर, शकरकंद और अदरक अच्छा होता है। इनमें प्यूरिन की मात्रा काफी कम होती है।
गठिया से पीड़ित व्यक्तियों को ढेर सारा पानी पीनें और तरल पदार्थों का सेवन करने को कहा जाता है, लेकिन अल्कोहल और सॉफ्ट ड्रिंक के सेवन से बचें अगर आप अल्कोहल और सॉफ्ट ड्रिंक का सेवन करते हैं तो आपकी समस्या और भी बढ़ सकती है।
अल्कोहल खासकर बीयर शरीर में यूरिक एसिड के लेवल को तो बढ़ाता है और तो और शरीर से गैर जरूरी तत्व निकालने में शरीर को रोकता है।
फ्रेक्टोस वाली चीजों का सेवन करने वालो को गठिया होने की संभावना दुगनी होती है, 2010 में किए गए एक शोध से यह बात सामने आई है।
अगर आप गठिया से पीड़ित है तो आप को उन खाद्य पदार्थों से परहेज करना चाहिए, जिनमें अधिक मात्रा में प्यूरिन पाया जाता हो, क्योंकि ज्यादा प्यूरिन हमारे शरीर में ज्यादा यूरिक एसिड पैदा करता है।
शतावरी, पत्तागोभी, पालक, मशरूम, टमाटर, सोयाबीन तेल जैसी सब्जिओं का गठिया से पीडित व्यक्तियों को परहेज करना चाहिए।

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